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13 Dec 2023 · 1 min read

विकृत संस्कार पनपती बीज

विकृत संस्कार पनपती बीज
विकसित पाति बबूल की गाछ़ी
पर्ण नुकीले कष्टों की डाली
कर्म पथ भर देता कांटों
ऐसी अज्ञान भरी शिक्षा का
काल खण्ड दुःख सागर बनता
ऐसे को प्रतिपत कहते जग जन
बोये बीज बबूलआम कहां से होय ।

टी.पी तरुण

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