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31 Oct 2023 · 1 min read

ए मेरे चांद ! घर जल्दी से आ जाना

ऐ मेरे चांद ! घर जल्दी से आ जाना।
रुकना नही कही , जल्दी आ जाना।।

भूखी-प्यासी मैं दिनभर की बेकरार,
छलनी से करूंगी तुम्हारा मै दीदार।
गाल लाल होंगे तब मेरे रुखसार,
पिया, मिलन में देर न लगा जाना।
ऐ मेरे चांद ! घर जल्दी से आ जाना।।

मेहंदी रचे हाथ,सजे कंगन के साथ,
पूजा का थाल, और ले करवा हाथ।
मांगूंगी तुमसे रहे सजना सदैव साथ,
लंबी उम्र का वर, पिया को दे जाना।
ऐ मेरे चांद ! घर जल्दी से आ जाना।।

मेरा साज-श्रृंगार सब ही तुम्हारे से है,
बिखरा जीवन में प्यार तुम्हारे से है।
घर और परिवार सब तुम्हारे से है,
सातों जन्म के साथ का वर दे जाना।
ऐ मेरे चांद ! घर जल्दी से आ जाना।।

भूख से मैं न कभी अकुलाऊंगी आज ,
पिया की बेचैनी मैं सह पाऊंगी आज।
मेरे प्रिय पिलाए मुझे अधर सुधा जब,
बादलों में कही पहले तुम छुप जाना।
ऐ मेरे चांद ! घर जल्दी से आ जाना।।

आर के रस्तोगी गुरुग्राम

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