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22 Oct 2023 · 1 min read

कुछ कम भी नही मेरे पास

अधिक ठीक नहीं कुछ भी
इसलिए
अधिक कभी कुछ नहीं मांगा
जीवन से ।

न पंख फैलाने को अधिक आसमान चाहा
न चाही इतनी अधिक ज़मीन
कि औरों के हिस्से में
चलना न आए ।
अधिक न चाहना की फेहरिस्त में रहे
हंसना
और खुश रहना भी ।

कम को ही अधिक मान
हमेशा कहा
हे ईश्वर !
बहुत दिया तुमने ।

ईश्वर कम करते गए
मेरा कम भी जो अधिक लगा मुझे
और अब ऐसा है कि
कुछ कम भी नहीं मेरे पास !!!

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