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21 Oct 2023 · 1 min read

राजनीतिकों में चिंता नहीं शेष

लोकतंत्र में बहुत कठिन
करना चोर की पहचान
तरह तरह के लबादों में
लिपटे सियासी श्रीमान
एक दूसरे से अलहदा हैं
सबके राजनीतिक लक्ष्य
जनहित के दावे करते हैं
सब पर जनता बने भक्ष्य
देश में विकास की खातिर
बनीं जो योजनाएं बेशुमार
उनसे लाभान्वित हुए अभी
तक पूंजीपतियों के परिवार
अरबपतियों की बढ़ती तादाद
दे रही सबको एक खुला संदेश
अर्थ सकेंद्रण के तथ्य पर अब
राजनीतिकों में चिंता नहीं शेष

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