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21 Oct 2023 · 1 min read

बात समझ आई

यह बात समझ में आई नहीं
और मम्मी ने समझाई नहीं

मैं कैसे मीठी बात करूं
जब मैंने मिठाई खाई नहीं

आपी भी पकाती है हलवा
फिर वो भी क्यों हलवाई नहीं

यह बात समझ में आई नहीं
नानी के मियां तो नाना हैं

दादी के मियां भी दादा हैं
जब आपा से मैंने ये पूछा

बाजी के मियां क्या बाजा हैं
वह हंस-हंसकर यह कहने लगी

ए भाई नहीं है ए भाई नहीं
यह बात समझ में आई नहीं

जब नया महीना आता है
बिजली का बिल आ जाता है

हालांकि बादल बेचारा
ये बिजली मुफ्त बनाता है

फिर हमने अपने घर पर बिजली
बादल से क्यों लगवाई नहीं

ये बात समझ में आई नहीं
अगर बिल्ली शेर की खाला है

तो हमने उसे क्यों पाला है
क्या शेर बहुत नालायक है

खाला को मार निकाला है
या जंगल के राजा के यहाँ

मिलती दूध मलाई नहीं
ये बात समझ में आई नहीं

क्यों लंबे बाल है भालू के
क्यों उसकी टुढ कराई नहीं

क्या वह भी गंदा बच्चा है
या उसके अब्बू भाई नहीं

ये उसका हेयर स्टाइल है
या जंगल में कोई नाई नहीं

यह बात समझ में आई नहीं
जो तारे झिलमिल करते हैं

क्या उनकी चाची ताई नहीं
होगा कोई रिश्ता सूरज से

ये बात हमें बतलाई नहीं
ये चंदा कैसा मामा है

जब मम्मी का वो भाई नहीं
ये बात समझ में आई नहीं

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