Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
19 Oct 2023 · 1 min read

मुक्तक

मुक्तक
चेतना का स्वर जगाकर प्राण दे वो गीत है।
सूर्य की पहली किरण का राग ही संगीत है।।
स्वार्थ की संवेदना के शब्द हैं फीके सभी।
ढाई अक्षर प्रेम का पहचान ले वो मीत है।।
-जगदीश शर्मा सहज

Loading...