Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
19 Oct 2023 · 1 min read

मां मुझे सब याद है

मेरा वो स्कूल से गंदे कपड़े कर के आने पर, तुम्हारा गुस्सा होना और इशारे ही इशारे में थप्पड़ लगाना , याद है मुझे ll

दोपहर में जबरदस्ती ये बोलकर सोने को कहना, की दोपहर में बच्चे को पकड़ के ले जाते है , याद है मुझे ll

मै भी बहुत ढीठ था दोपहर भर आंख बंद कर बहाने करता था सोने की और मेरे दोस्त खिड़की पर लटके रहते थे क्रिकेट खेलने जाने के लिए, याद है मुझे ll

तेरे मना करने पर भी साइकिल चलाना , गिरने पर तेरे से मार खाना और मेरी चोट देखकर तेरी आंखों में आसूं आ जाना, याद है मुझे ll

सही से बोलना भी नही सीखा था मैंने की दरवाजे पर गुरु जी का आ जाना पढ़ाने के लिए और मैं बस तुझे ही देखता रहता था , याद है मुझे ll

पूरा गांव सो जाता था लेकिन तू बहुत देर से खाना बनाती थी जिससे हम देर रात तक पढ़े , याद है मुझे ll

तू कहीं मुझे छोड़ कर तो नही चली जाएगी इसलिए हमेशा तेरे पीछे पीछे चलता था तेरा साया बनकर , याद है मुझे ll

पढ़ाई पूरी न करने पर खाना न देना और बड़ी मां का चुपके से हमे खिलाना, याद है मुझे ll

तेरी डांट से बचने के लिए दादी का सहारा लेना और फिर तेरी शिकायत करना दादी से , याद है मुझे ll

Loading...