Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
18 Oct 2023 · 1 min read

पांव में मेंहदी लगी है

पांव में मेंहदी लगी है ,कैसे मैं आऊं?
राज़ जो तुझसे छिपे हैं कैसे बतलाऊं?

रातों को वो चोरी चोरी तुमसे मिलना।
मिलते ही तुमसे वो फूल सा खिलना।

शाने पर तेरे ,मेरा जुल्फों ‌को बिखराना ।
तेरा आलिंगन में भर उनको सहलाना।

मिलन की घड़ी का हर पल रहे इंतज़ार।
कैसे कहूं तुमसे कितना है मुझे प्यार।

मेंहदी की वजह से आज मिल न पाना।
सच है ये ,न मानो इसको तुम बहाना।

सुरिंदर कौर

Loading...