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16 Oct 2023 · 1 min read

कुछ याद बन

लम्हें जो ज़िन्दगी के आकर गुज़र गये ।
कुछ याद बन गये, कुछ याद रह गये ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

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