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9 Oct 2023 · 1 min read

मन में नमन करूं..

मां में नमन करूं
तुम्हारे चरणों में
नित करूं मैं तुम्हारा ध्यान
बैठ तुम्हारे चरणों में ।

कपूर , धूप,दीपक, बाती
का मां मैं सजाऊं थाल
आरती उतारू , शीश झुकाऊं
मां तुम्हारे चरणों में ।

बगिया से चुन चुन
फूल लाऊं माला
बनाकर तुम्हें पहनाऊं ।
तुम्हारे चरणो की धूल
बन मुस्कुराऊॅं ।

तू तो मां सब कुछ ज्ञाता
क्या तुझको मैं
अपनी पीड़ा सुनाऊं
बस मां मुझको
तो इतना दो वरदान
सुबह शाम मैं शीश झुकाऊं
कर वंदन तेरा नाम ।

हरमिंन्दर कौर
अमरोहा (यूपी)
मौलिक रचना

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