Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
7 Oct 2023 · 1 min read

शहर में बिखरी है सनसनी सी ,

शहर में बिखरी है सनसनी सी ,
कुछ माहौल भी गमजदा सा है ।
मेरी आंखें हैं शमशान जैसी ,
ख्वाब फिर से कोई मरा सा है ।

मंजू सागर
गाजियाबाद

Loading...