Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
15 Jun 2023 · 1 min read

16. वो सपने पुरे हो न पाये

सपने जो देखे थे हमने
मिलकर कभी जो,
वो सपने पुरे हो न पाये ।

कभी सपनों को पुरे करने के लिये,
आँखों में चमक
और दिल हर्षित रहता था ।

आज होठों पर उदासी,
और मन मुर्झित रहता है ।

आप सोच रहे होंगे,
क्या है कारण ।
जवाब मिलेगा आपको कभी न कभी,
जब अपनों से अपनों का साथ नहीं मिलता है ।।
इसीलिए किसी भी चीज का अच्छा शुरुआत नहीं होता है ।।

कवि :– मन मोहन कृष्णा
तारीख :– 20/12/2018
समय :– 08 : 28 ( रात्रि )

Loading...