Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
15 Jun 2023 · 1 min read

होली गीत

होली आई कान्हा मोहे रंग लगा दे।
लाल न भाये, रंग पीला न भाये,
श्याम रंग अंग – अंग डुबा दे।
होली आई कान्हा…..

दूध न भाये, मोहे दही न भाये,
माखन मिश्री आज खिला दे ।
होली आई कान्हा ……

ढोल – मृदंग की थाप न चाहूँ ,
धुन वंशी की मधुर सुना दे ।
होली आई कान्हा ….

चरण-कमल तोरे विनती इतनी,
भवसागर मोहे पार लगा दे ।
होली आई कान्हा …..

रचनाकार : कंचन खन्ना, मुरादाबाद,
(उ०प्र०, भारत)।
सर्वाधिकार : सुरक्षित (रचनाकार)।
दिनांक : १०.०३.२०२०.

Loading...