Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
15 Jun 2023 · 1 min read

मुहब्बत कुछ इस कदर, हमसे बातें करती है…

मेरी कलम से…
आनन्द कुमार

इश्क़ मुस्कुराता है
प्रेम सब कुछ कह जाता है
ज़िंदगी में जब रिश्ता
अटूट बन जाता है
आँचल लहराकर
प्रिये के हाथों में हो जाता है
मुश्किलें आसान सी
जीवन संवर जाता है
खामोशियाँ दूर खड़ी
तुमको निहारा करती है
ख्वाहिशें चुप चाप
तुमसे बातें करती है
मुहब्बत कुछ इस कदर
हमसे बातें करती है…

Loading...