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15 Jun 2023 · 1 min read

उत्तर नही है

इन दिनों,

रसोई तक का

सब

सामान

बदला- बदला सा है।

बदलाव को

कोई नहीं

रोक सकता।

काल की

अपनी चाल है,

। अपनी गति से

समय आता और

जाता है।

पर, मै तो ,

वही की वही ,

वैसी की वैसी रही,

मेरे ,होने मे,

कोई बदलाव नहीं,

ये, लो,

राशन आ गया।

इसे संभालो,,

खाना पक गया,

परोसो,

तैयार हो,

चलो ,समाज में,

दर्शन दो।

पांच दशक में,

मेरे वतन के,

सात प्रधानमंत्री,

तक बदल गये ,

मेरे वोट से ।

पर मेरा समय,

वैसा ही रहा।

जबकि,

कहा तो

यह भी जाता है

कि, ‘समय लौटता है।’

तो,,फिर,

कब ,लौटेगा,

मेरा बचपन,

क्या अगले जन्म में।

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