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15 Jun 2023 · 1 min read

*लक्ष्मण-रेखा (कुंडलिया)*

लक्ष्मण-रेखा (कुंडलिया)

लक्ष्मण-रेखा है खिंची ,भीतर सिया अबोध
बाहर है पसरा पड़ा , लोभी लेकर क्रोध
लोभी लेकर क्रोध ,दशानन जाल बिछाए
चाह रहा है दुष्ट , जानकी को ले जाए
कहते रवि कविराय ,सत्य कटु यह ही देखा
होता है नुक्सान , तोड़कर लक्ष्मण-रेखा

रचयिता : रवि प्रकाश ,बाजार सर्राफा
रामपुर (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99976 15451

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