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14 Jun 2023 · 1 min read

मुस्कुरा दो ज़रा

रास्ते हैं लम्बे , मंजिल है दूर

ना भी पता हो मंजिल का , तो क्या

मुस्कुरा दो ज़रा ।

गुलाब में हैं कांटे , या कांटो संग गुलाब

जिंदगी फूलों का यह गुलदस्ता , कुछ कांटो भरा , तो क्या

मुस्कुरा दो ज़रा ।

चिलचिलाती यह धूप , तपिश भरा सफर

सर पर छ्त नहीं , पर सूरज है तो क्या

मुस्कुरा दो ज़रा ।

आंधियों ने घेरा , धूल मिट्टी का थपेड़ा

उपर से हो बरसात तो क्या

मुस्कुरा दो ज़रा ।

टीचर ने डांटा , दोस्तों ने गम न बाँटा

डिब्बे में निकला आलू परांठा , तो क्या

मुस्कुरा दो ज़रा ।

बॉस की फटकार , काम की बौछार

कॉफी मशीन भी खराब , तो क्या

मुस्कुरा दो ज़रा ।

माँ का प्यार , ममता की दुलार

हो जाए कभी गुस्सा तो क्या

मुस्कुरा दो ज़रा ।

जीवन में हर दिन , दिन के हर पल

पल के हर क्षण भी कर दो तो क्या

मुस्कुरा दो ज़रा ।

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