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14 Jun 2023 · 1 min read

भार भई रे भार भई l

भार भई रे भार भई l
जिंदगी बड़ी भार भई ll
जगी जगी ओ लगी लगी l
ये प्यास प्यास मुई मुई ll

भाग खड़ी है हुई हुई l
प्रियतमा प्रीत छुईमुई ll
मथे मथे है गम ही गम l
जिंदगी भई रई रई ll

नरमाहट है गई गई l
कड़े कड़े है कई कई ll
चद्दर अब पत्थर पत्थर l
गुम गुम है रूई रूई ll

भार भई रे भार भई l
जिंदगी बड़ी भार भई ll

अरविन्द व्यास “प्यास”

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