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13 Jun 2023 · 1 min read

मेरी मां

मां शब्द कितना प्यारा सा एहसास है
उसके होने से हर दिन खास है
कितना प्यारा है ये सफर क्युकी इस सफर में मां साथ है ।
घर का काम हो या बाहर का मेरी मां हर चीज में आवल नंबरों से पास है।
कभी घर से बाहर रहो तो वो कभी ये नही पूछेगी की तूने कितना कमाया और कितना पैसा तेरे पास है ,
यही चिंता होगी उसे की जो खाना तू खा रही है उसमे क्या घर केसे स्वाद है ।
कभी गुस्सा हो जाओ ना मां से तो लगता है आज का दिन ही बकवास है ।
क्युकी आज मेरी वजह से बिचारी मेरी मां का चेहरा उदास है ।
मेरी मां के लिए जान भी मेरी कुर्बान है ।
क्युकी उसी से मेरी पहचान है ।

– Prachi Verma

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