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13 Jun 2023 · 1 min read

कब तक महफूज रहेंगे आप ?

कोई जरुरी नहीं कि मैं जो कहूं, वही करें आप
पर वह तो करें, जो निहायत ही जरुरी समझें आप l

हो सकता है, मेरी बातों से सहमत नहीं हो आप
आप अपनी ही किजिए, जो दिल में सोंचते है आप l

मेरे कहने से क्या होता है, सुनिएँ अपने दिल की आप
आगाज देखकर आज, कोई फैसला तो लीजिए आप l

नफरत न कुदरत सिखाती है, न मजहब सिखाती है
दरिया दरिया से मिलती है, पेड़ों को झूमते देखें हैं आपl

जिस मिट्टी में बीज पड़े, जिस मिट्टी में तरु हुए आप
फुलें -फलें, उसे सलाम करने में क्यों सकुचाते है आप l

यहाँ लोकतंत्र है, यह तो अच्छा तरह जानते है आप
वोटर आई. डी./ आधार भी अपने साथ रखिए आप l

लोकतंत्र में चाहे जो भी झंडा उठा लीजिए आप
राष्ट्रीय दिवसों पर अपना तिरंगा फहरा लीजिए आप l

क्या अपने ही चिराग से, घर में आग लगाते हैं आप ?
पडोसी का घर जले तो,कबतक महफूज़ रहेंगे आप?
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@रचना – घनश्याम पोद्दार
मुंगेर

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