Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
12 Jun 2023 · 1 min read

हादसे,चेहरे के मिटा निशान देते है

ग़ज़ल
====

हादसे,चेहरे के मिटा निशान देते है
याद कैसे करे मिटा पहचान देते है।
=====================

अजनबी लोग आते है, हाल पूछने,
वो नही आते जो कहते जान देते है।
=====================

मौत पर मेरी शोर मचाने आऐगें वो,
ज़िस्त में जो खड़ा कर तुफान देते है।
=====================

अब भरोसा ये किस पे करे बताओ,
लोग कैसे, अपना डुबो इमान देते है।
======================

पास में तुम रखा करो पता, अपना,
खोज लेगें जरुर हमे जो ध्यान देते है।
======================

“जैदि” देखो जरा यहाँ है कौन कैसे,
लोग जाते है बदल,जो जुबान देते है।
======================

शायर:-“जैदि”
डॉ.एल.सी.जैदिया “जैदि”

Loading...