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12 Jun 2023 · 1 min read

बरसात के ये दिन

बरसात के ये दिन

बरसात के ये दिन
जो जीवन में आए
समरसता छाए
मन को बहुत ही भाए ।

काली घटा छाए चहुं ओर
नाचे है हर मन का मोर
चातक नीर पिये हो आतुर
टर्र टर्र बोले है दादुर ।

छम छम करती बूंदे नाचे
छलके हें सब नदिया नाले
कागज की कश्ती तैराने
आए बचपन के दीवाने।

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