Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
11 Jun 2023 · 1 min read

अधूरी मुलाकात

शीर्षक अधूरी मुलाकात

अधूरी मुलाकात तुमसे आज मेरी रहती है।
मन की सोच कभी कभी एक एहसास सा देती है

जीवन में चाहत के सफर में अधूरी मुलाकात रहती है।
मन के भावों में तेरी चाहत आज भी रहती है।

सच अधूरी मुलाकात में जीवन संगिनी बनती है।
रंगमंच के किरदार जो हम साथ चलते हैं।

नीरज लेखन संग अधूरी मुलाकात का सच लिखा हैं
सच अधूरी मुलाकात की यादों में साथ मिलता है

मन भावों में अधूरी मुलाकात तेरा साथ रहता है।
जिंदगी अधूरी मुलाकात का सफर ही तो रहता है।

मन भावों में तेरी मेरी अधूरी मुलाकात जो रहती है
………………..सच अधूरी मुलाकात पूरी होती है।

Loading...