Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
11 Jun 2023 · 1 min read

मां नही भूलती

रोजमर्रा के कामों में
बहुत कुछ जल्दबाजी में
अक्सर भूल जाती हूं
घर में कहा रक्खी चाभियां
नही मिलती बाल काढ़ते समय कंघिया
उठा कर रखना बिस्तर पे पड़ा तौलिया
बाहर निकालना हफ्तों से फ्रिज में पड़ी सब्जियां
नाश्ते के बाद लेने वाली दवाईयां

पर मां तुम कभी नहीं भूलती
हमेशा जेहन में रहती हो
दूर चाहे जितनी भी हो
दिल के हमेशा करीब रहती हो
भूल जाती हूं कभी-कभी
अर्से बाद मिले शख्स का नाम
क्यों आई थी किचन में याद नहीं आता वह काम
भूल जाती हूं भगवन को करना संध्या प्रणाम
पर मां तुम कभी नहीं भूलती
जीवन चलता है बस सबका
और जिंदगी में भागदौड़ रहती है
मां जैसी भी हो सबको हर पल याद रहती है

Loading...