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3 Jun 2024 · 1 min read

गजल

बहुत रंगीन दुनिया है,बहुत रंगीं नजा़रे हैं।
मगर बुझने न पाएगी दिलों में जो शरारे हैं।

तमन्ना है मेरे दिल में उसे हम कह ना पाएंगे।
समझना तुम अगर चाहो समझने के इशारे हैं।

तुम्हारे हाथ में ही फैसला है मेरी किस्मत का।
भंवर भी हाथ में तेरे, तुम्हारे ही किनारे हैं।

तुम्हारे वास्ते कोई, शिकायत कर नहीं सकता।
हमें मालूम है गर्दिश में,मेरे ही सितारे हैं।

“सगी़र” महसूस हो जाए तुम्हें यह दर्द कैसा है।
बहुत ही दर्द में डूबे हुए अल्फाज़ सारे हैं।

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