Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
11 Jun 2023 · 1 min read

शब्द

आज शब्द बहुत बुझे-बुझे से हैं
सीले-सीले से
शब्द व्यक्त नही कर पा रहे
बिछुड़ जाने की कसक

चंद दिनों पहले
जो शब्द चहके से थे
आज न जाने क्यूं
मुझसे दूर –दूर हैं।

शायद कुछ अनमने
कुछ रूठे और कुछ
अंतर्मन की व्यथा
न कह सकने की वजह से।

Loading...