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20 Apr 2023 · 1 min read

कुंती कान्हा से कहा,

कुंती कान्हा से कहा,
दीजै मोको दुःख ।
दुख ही नाम जपाये के,
देता बेहद सुख ।

ऐसा करो गोविंद जी,
दुख हो मूसलाधार ।
दुख ही एकल माध्यम,
दुख से मिले करतार।

मानव जीवन बीतता,
केवल सुख की खोज ।
सुख हो अथवा दुख हो,
रहो प्रभु की मौज।

हर हालत में जापिये,
निश दिन हरि का नाम ।
नाम ही लेकर जाएगा,
एक दिन ठाकुरधाम ।

सतीश सृजन

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