Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
14 Apr 2023 · 1 min read

प्रतिध्वनि

गुंजायमान मेरे सृजन में प्रतिध्वनि तुम्हारी है
प्रेरणा ने तुम्हारी ही मेरी लेखनी सुधारी है
साथ पाकर ही तुम्हारा तो निखर रहा हूं मैं
सम्मिलित हो सृजन तो यह रचना हमारी है

बालाघाट
14.4.2023

Loading...