ہونٹ جلتے ہیں مسکرانے میں
विकास
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
प्रतियोगिता के लिए ,जब तलक है चांद तारे
छेड़ कोई तान कोई सुर सजाले
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
मुस्काती आती कभी, हौले से बरसात (कुंडलिया)
SAGHEER AHMAD SIDDIQUI gazal
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
दीवारें चाहे जितनी बना लो घरों में या दिलों में
बरसात
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
पुष्प वाटिका में श्री राम का समर्पण
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
जिंदगी
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम