जीवन में कोई मुकाम हासिल न कर सके,
भारत अखंड है, अखंड ही रहेगा
*शीतल शोभन है नदिया की धारा*
अदा
Kunwar kunwar sarvendra vikram singh
गुरु की महिमा
Anamika Tiwari 'annpurna '
फुरसत के वो दिन भी बीत गए अब तो,
जिन नयनों में हों दर्द के साये, उसे बदरा सावन के कैसे भाये।
दूसरों के दिलों में अपना घर ढूंढ़ना,
मानव जीवन अनमोल है, सीमित संसाधन भी अनमोल।
कुछ लोग कहते है की चलो मामला रफा दफ़ा हुआ।
रंग ही रंगमंच के किरदार होते हैं।