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9 Apr 2023 · 1 min read

बस इतनी सी कहनी बात है

बस इतनी सी कहनी बात है
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बस इतनी सी कहनी बात है,
मै हूँ तू जो हर पल साथ हैं।

नीले नयन नीला नभ निहारें
चाँद-सितारों से भरी रात है।

जुल्फों के छाये बादल घनेरे,
नैन बिखेरे हर्षित बरसात है।

इंद्रधूनुषी उमंगे उमड़ी जिया,
रंग-बिरंगी हुई कायनात है।

दर चले आइए पाँव पसारे,
जीवन की नूतन शुरुआत है।

प्रेम प्यासी भारी तन-मन से,
बाँहें फैलाये खड़ी प्रभात है।

अनखिली कलियों से खेलो,
कजली रूट की सौगात है।

मनसीरत संग तीर्थ नहाऊँ,
आन मिलो मन में अलात है।
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सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैंथल)

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