Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
5 Apr 2023 · 1 min read

उसको फिर उसका

उसको फिर उसका हासिल कहां मिले ।
भटके हुए रास्ते को मंज़िल कहां मिले ।।
पढ़ने का ख़ुद को आ जाए जो शऊर ।
उसको फिर उससा क़ाबिल कहां मिले ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Loading...