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5 Apr 2023 · 1 min read

इतनी सी महरबानी कर दे l

इतनी सी महरबानी कर दे l
बस हिज्र की कुर्बानी कर दे ll
भाग्य निष्ठुरता अगर करे तो l
गीत में प्रीत कहानी करदे ll

हिज्र न करे खर्च जवानी तो l
जवानी अयां, जुबानी करदे ll
मधुर कर, तन ओ मन ले ओ दे l
एक निराली निशानी करदे ll

मधुर मधुर ख्यालों ओ ख्वाबों में l
मधुर मिलन की, छावनी करदे ll
प्रीत प्यास में रूह सामिल कर l
यूँ प्रीत को रूहानी करदे ll

अरविन्द व्यास “प्यास”

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