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4 Apr 2023 · 1 min read

हँसी

जब से मेरी आशिकी,
उनके दिल में जा बसी,
मैं तो हूँ पागल मगर,
है गायब उनकी भी हँसी।

@ दीपक कुमार श्रीवास्तव ” नील पदम् “

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