Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
4 Apr 2023 · 1 min read

*दादी ने गोदी में पाली (बाल कविता)*

दादी ने गोदी में पाली (बाल कविता)
_______________________
लाडो की आदत यह डाली
दादी ने गोदी में पाली

बग्घी में खुश कभी न होती
एक मिनट में भर-भर रोती

सदा गोद में इसे घुमाते
यह कब थकती, सब थक जाते
—————————————-
रचयिता : रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

Loading...