Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
4 Apr 2023 · 1 min read

हालात और मुकद्दर का

हालात और मुकद्दर का न इसमें कसूर है ।
ख्वाबों के टूटने से भी बिखरता वजूद है ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Loading...