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1 Apr 2023 · 1 min read

"मैं न चाहता हार बनू मैं

“मैं न चाहता हार बनू मैं
या की प्रेम उपहार बनू मैं
या की शीश -श्रृंगार बनू मैं
मैं हूं फूल मुझे जीवन की
सरिता में ही तुम बहने दो
मुझे अकेला ही रहने दो !

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