"चुनावी साल"
“चुनावी साल”
न रंगों का, न पतंगों का
और न उमंगों का।
केवल दंगों, जंगों, लफंगों
और भुजंगों का।।
😢प्रणय प्रभात😢
“चुनावी साल”
न रंगों का, न पतंगों का
और न उमंगों का।
केवल दंगों, जंगों, लफंगों
और भुजंगों का।।
😢प्रणय प्रभात😢