दोहा-
दोहा-
देख-देख आती हँसी,कैसा है संसार।
नंगे पैरों सच चले,रथ पर झूठ सवार।।
डाॅ बिपिन पाण्डेय
दोहा-
देख-देख आती हँसी,कैसा है संसार।
नंगे पैरों सच चले,रथ पर झूठ सवार।।
डाॅ बिपिन पाण्डेय