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23 Feb 2023 · 1 min read

हमें तो अब बस तेरा आसरा है

**हमें तो अब बस तेरा आसरा हैं**
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हमें तो अब बस तेरा आसरा है,
बहुत ज़्यादा अपनों से फांसला है|

तमाशा जग का है सब से निराला,
समझ आया जीवन क्या माजरा है|

सुखों के मिलते कम अनमोल पल,
जिंदगी में गम का ढ़ेरों दाखिला है|

सजा मिलती रहती हर बोल की,
सदा चुप रहने में ही फायदा है|

जुबां से मनसीरत छट है बदलती,
यही तो दुनिया का ही कायदा है|
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सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

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