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23 Feb 2023 · 1 min read

■ मुक्तक...

■ कशमकश…
लगाव हो या मुहब्बत। इस तरह के कशमकश के हालात अक़्सर बनते ही हैं। ज़्यादातर लोगों के साथ।।
【प्रणय प्रभात】

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