किसी की परख
किसी की परख
उसके नज़दीक़ जाने के बावजूद
सोच के स्तर तक पहुंचे बिना असम्भव है।
परख बेहद ज़रूरी भी है।।
●प्रणय प्रभात●
किसी की परख
उसके नज़दीक़ जाने के बावजूद
सोच के स्तर तक पहुंचे बिना असम्भव है।
परख बेहद ज़रूरी भी है।।
●प्रणय प्रभात●