Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
20 Feb 2023 · 1 min read

चाहत

चाहत

प्यार मुहब्बत इश्क चाहत
ऐसे जैसे खुदा की इबादत
अमर प्रेम की कहानियां
ये सब सुनने में अच्छा लगता है
सपनों के सुंदर संसार मे विचरण लगता है
पर आज ये होती नहीं हकीकत
बनते तो है इनके मकान लेकिन बिना छत
मुहब्बत यूँ ही बह जाती है
रूह पर प्यासी रह जाती है
आंखों में बस जाते दर्द के कतरे
ज़िन्दगी चुपचाप सह जाती है
लेती नही मुहब्बत दिल से इजाजत
पर दिल को कर जाती है हताहत
ऐ दुनिया वालो कभी मुहब्बत नहीं करना
बिना मौत के पल पल नहीं मरना
धोखे तो इस राह में बहुत हैं
करो तो कदम फूँक फूँक कर रखना
मत करना अपने ही दिल को आहत
सच बताएं बुरी बला होती है चाहत

डॉ अर्चना गुप्ता

Loading...