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19 Feb 2023 · 1 min read

खुद को मसखरा बनाया जिसने,

खुद को मसखरा बनाया जिसने,
रातभर मंच को सजाया जिसने।
थका था चुप था ग़मज़दा था वो,
भरी महफ़िल को खूब हंसाया जिसने।

-सतीश सृजन

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