Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
19 Feb 2023 · 1 min read

मेहनत

लगता है तुमने बादल काले नहीं देखे
तीरगी से निकलकर उजाले नहीं देखे
दो- चार कदमों में कैसे मिल जाए मंज़िल
अभी तो मेरे इन पैरों ने छाले नहीं देखे

Loading...