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16 Feb 2023 · 1 min read

राह के पथिक ।

राह के पथिक हैं ,हम
सच्चाई से नहीं कतराते हैं ।
राह पर फूलों से नहीं ,
पत्थर का सामना करके आते हैं।

नदियां पहाड़ के जटिल रास्ते से,
हम नहीं इतराते हैं।
पीठ पीछे बोली गई,
बुराई से हम नहीं घबराते हैं ।

धूप ,बारिश की झक झोड़ो से,
हम कदम पीछे नहीं हटाते हैं।
अपनी मंजिल के लिए हम,
मुसीबतों से नहीं घबराते हैं ।

कदम – कदम के बाधाओं से ,
हम सुराग निकाल लाते हैं ।
सर से टपकते पानी से ,
सूखी भूमि पर पानी ले आते हैं ।

हम पथिक उस राह के ।
अंधेरे भविष्य के लिए ,
दीपक रूपी सवेरा लाते हैं।
उज्जवल भविष्य की रोशनी फैलाते हैं।

By :-निशांत प्रखर
खगड़िया

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