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16 Feb 2023 · 1 min read

■ आज की बात...

■ दो टूक…..
उजालों में साथ और अँधेरों में गुम। अगर ऐसे हो तुम, तो रहो अपनी बला से। हम धूप-छांव के खेल को भी समझते हैं और परछाइयों के छल को भी। यह सच आप भी समझ लें, तो बेहतर।।
【प्रणय प्रभात】

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