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15 Feb 2023 · 1 min read

"तुम्हारे रहने से"

“तुम्हारे रहने से”
तुम्हारे रहने से
गाए जाते रहे प्रेम-गीत
खत्म हुए ढेरों कुरीत
भले ही रहे निःशब्द
मगर मरे नहीं शब्द..।
-डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति

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