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13 Feb 2023 · 1 min read

मुक्तक

सुनते भी रहे तुमको मौन भी रहे हरदम।
इकतरफा प्रेम इस तरह निभाते रहे हम।।
सच्चाईयों को तुमने फिर किनारे कर दिया।
हम झूठ को सच्चाई समझते रहे हर–दम।।

अभिषेक सोनी
(एम०एससी०, बी०एड०)
ललितपर, उत्तर–प्रदेश

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