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12 Feb 2023 · 1 min read

समता उसके रूप की, मिले कहीं न अन्य।

समता उसके रूप की, मिले कहीं ना अन्य।
निर्मल छवि मन आँककर, नैन हुए हैं धन्य।।

दिल में उसकी याद है, आँखों में तस्वीर।
उलझे-उलझे ख्वाब की, कौन कहे ता’बीर।।
©® सीमा अग्रवाल

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